नीमच अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर 1 मई को सीटू द्वारा गांधी वाटिका में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान श्रमिकों की समस्याओं और सरकारी नीतियों को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में कामरेड विजय बैरागी ने 1886 के शिकागो आंदोलन का उल्लेख करते हुए 8 घंटे कार्य दिवस की ऐतिहासिक मांग को याद किया।
कामरेड निरंजन गुप्ता राही ने कहा कि मई दिवस श्रमिक एकता और शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान में देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन वृद्धि और 8 घंटे कार्य दिवस की मांग को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और श्रमिकों पर दबाव की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि महंगाई, कम वेतन और खराब कार्य परिस्थितियों के कारण श्रमिकों का जीवन कठिन हो गया है।
अंत में श्रमिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया गया।