नीमच शहर की एक शाला में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। आठ दिवसीय यह धार्मिक आयोजन 18 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चला, जिसमें सभी कार्यक्रम शाला परिसर में ही आयोजित किए गए। पिछले 13 वर्षों से चल रहे इस धार्मिक कार्य का यह चरण विशेष महत्व रखता है। मंदिर निर्माण में लगभग 8 से 10 माह का समय लगा, जिसमें शिल्पकारों की उत्कृष्ट कारीगरी देखने को मिली। 24 अप्रैल 2026, वैशाख संवत 2083 को सुबह 8 बजे विधि-विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। समारोह में जैन समाज के दिगंबर, श्वेतांबर, स्थानकवासी, मूर्तिपूजक और साधुमार्गी संप्रदायों के श्रद्धालु शामिल हुए। गुरुदेव मणिप्रभ साहब के मार्गदर्शन में आयोजन सफल रहा। साथ ही प्रमुख शिल्पियों के योगदान से मंदिर को भव्य स्वरूप मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।