सिंगोली - मुकेश माहेश्वरी
April 4, 2026, 7:20 pm
Samajik
सिंगोली(मुकेश माहेश्वरी )भव्य पंच कल्याणक महोत्सव के तृतीय दिवस पर ‘जन्म कल्याणक (खिलता गुलाब)’ का आयोजन अत्यंत भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। ‘आदि कुमार’ के जन्म की मंगल घोषणा के साथ ही पूरा नगर अयोध्या सा आनंदमय हो उठा और जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया।
प्रातःकालीन बेला में जाप, आराधना, मंगलाष्टक, अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्य पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात तीर्थंकर बालक के जन्म का भावपूर्ण मंचन किया गया, जिसमें शची इंद्राणी द्वारा प्रथम दर्शन का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। अर्हम योग प्रणेता मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर
जी महाराज के मंगल सानिध्य में मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र दान की पावन क्रियाएं सम्पन्न हुईं।मुनिश्री ने अपनी मंगल वाणी में तीर्थंकर बालक के जन्म के महत्व को बताते हुए माता मरुदेवी और पिता नाभिराय के माध्यम से जैन धर्म के प्रवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तीर्थंकरों का जन्म मानवता के लिए मार्गदर्शक होता है।मध्यान्ह में निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। हाथी, घोड़े, बग्गी, आकर्षक झांकियों एवं वाद्ययंत्रों के साथ यात्रा पंच कल्याणक स्थल से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पाण्डुक शिला पहुंची, जहां तीर्थंकर प्रभु का जन्माभिषेक एवं दिव्य श्रृंगार किया गया।गुरुदेव ने प्रवचन में सुमेरु पर्वत पर होने वाले दिव्य अभिषेक और तीर्थंकरों की अलौकिक महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा, वहीं प्रशासन एवं विभिन्न समाजों का भी सराहनीय सहयोग रहा।संध्या बेला में भव्य मंगल आरती, सौधर्म सभा, आनंद उत्सव (तांडव नृत्य) एवं तीर्थंकर बालक का पालना झुलाने जैसे कार्यक्रमों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।पूरा सिंगोली आज आस्था, भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया।