नीमच। महान साहित्यकार, शिक्षाविद और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर बुधवार को कृति संस्थान द्वारा श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम गर्ल्स कॉलेज रोड स्थित लाइंस पार्क परिसर में संपन्न हुआ, जहां संस्थान के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने टैगोर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने रवींद्रनाथ टैगोर के साहित्य, शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि टैगोर को उनकी प्रसिद्ध कृति “गीतांजलि” के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। साथ ही उन्होंने शांति निकेतन की स्थापना कर शिक्षा को नई दिशा देने का कार्य किया। वक्ताओं ने कहा कि टैगोर केवल साहित्यकार ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी शिक्षाविद भी थे, जिन्होंने बच्चों को खेल-खेल में सीखने और संस्कारयुक्त शिक्षा देने की अवधारणा को बढ़ावा दिया।
इस दौरान राष्ट्रगान “जन गण मन” की रचना को लेकर भी टैगोर के योगदान का उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में ओमप्रकाश चौधरी , रघुनंदन पाराशर, सत्येंद्र सक्सेना, श्याम टंकवाल, बाबूलाल गौड़, जीवन कौशिक, गणेश खंडेलवाल सहित कई नागरिक उपस्थित रहे।