नीमच जनसुनवाई में मंगलवार को सरवानियाबोर और लोलपुरा के करीब 50 किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बड़ा आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि तक पहुंचने वाला 50 साल पुराना एकमात्र रूढ़िगत रास्ता विपक्षी पक्ष ने खंभे गाड़कर और वायर फेंसिंग कर बंद कर दिया है।
किसानों ने आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा रास्ता चालू रखने का अंतरिम आदेश दिए जाने के बाद अपर कलेक्टर स्तर पर वह आदेश निरस्त कर दिया गया, जिसके बाद रास्ते को ट्रैक्टर से खुर्द-बुर्द कर दिया गया। ज्ञापन में किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी पक्ष खुलेआम “रिश्वत देकर आदेश करवाने” की बात कह रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, रास्ते से अवैध कब्जा हटाने, खंभे हटवाकर रास्ता बहाल करने और संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी कि रास्ता नहीं खुला तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।