नीमच जिले में सड़क सुरक्षा अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए दर्जन भर बसें बिना परमिट, फिटनेस और बीमा के प्रतिदिन नीमच बस स्टैंड से सवारियों को लेकर रवाना हो रही हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये बसें सीधे आरटीओ कार्यालय के सामने से होकर गुजरती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से आंख मूंदे बैठे हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा से खुला खिलवाड़ हो रहा है।
जानकारी के अनुसार आरटीओ विभाग की मिलीभगत से बस मालिक टीपी (टेंपरेरी परमिट) का दुरुपयोग कर रहे हैं। शादी या पिकनिक जैसे आयोजनों के लिए जारी होने वाले ये परमिट नियमों के तहत आम यात्रियों को बिठाने पर प्रतिबंधित हैं, बावजूद इसके रोजाना इन परमिटों के सहारे नीमच से विभिन्न रूटों पर बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं।
राठौर बस (MP44 P 7002) का टैक्स और बीमा जून माह में समाप्त हो चुका है, फिर भी यह बस रोजाना नीमच–मनासा आंतरीमाता मार्ग पर यात्रियों को ढो रही है। इसी तरह महाशक्ति बस (MP44 ZB 9977) बिना वैध परमिट के यात्रियों से भरी हुई आरटीओ कार्यालय के सामने से गुजरती है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। ऐसी कई दर्जनभर से ज्यादा बसे बेलगाम नीमच बस स्टैंड से दौड़ लगा रही है और विभाग की यह चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है।
जिले के कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और एसपी अंकित जायसवाल ने अब तक अवैध अतिक्रमण, फर्जी रजिस्ट्री और किसानों की जमीनों पर कब्जे जैसे कई मामलों में विशेष अभियान चलाकर सख्ती दिखाई है। ऐसे में आम जनता को अब उम्मीद है कि वे सड़क सुरक्षा के मामले में भी हस्तक्षेप करेंगे और बिना परमिट, फिटनेस व बीमा के चल रही बसों पर कठोर कार्रवाई करेंगे।
आम यात्रियों का कहना है कि सड़क हादसों में जान गंवाने का सबसे बड़ा खतरा इन्हीं लापरवाह संचालन से है। यदि समय रहते इन बसों पर शिकंजा नहीं कसा गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।