मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने बागियों पर कड़ा एक्शन लिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने उन 39 नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है तो पार्टी लाइन के बाहर जाकर चुनाव में उसका समीकरण बिगाड़ने की तैयारी कर रहे थे. जिन्होंने नामांकन वापसी के आखिरी दिन तक मनाने के बाद भी नाम वापस नहीं लिए. कांग्रेस ने श्योपुर से दुर्गेश नंदिनी, सुमावली से कुलदीप सिंह सिकरवार, पोहरी से प्रद्युमन वर्मा, गुना से हरिओम खटीक, जतारा से आरआर बंसल, निवाड़ी से रजनीश पटेरिया, खरगापुर से अजय सिंह यादव, प्यारेलाल सोनी, महाराजपुर से अजय दौलत तिवारी, चंदला से पुष्पेन्द्र अहिरवार, छतरपुर से दीलमणि सिंह को पार्टी से निकाल दिया है.
इनके अलावा मलहरा से डॉ. करण सिंह लोधी, हटा से अमोल चौधरी, भगवानदास चौधरी, पवई से रजनी यादव, नागोद से यादवेन्द्र सिंह, सेमरिया से दीवाकर द्विवेदी, देवतालाब से सीमा जयवीर सिंह, पुष्पराजगढ़ से नर्मदा सिंह, मुड़वारा से संतोष शुक्ला, बरगी से जयकांत सिंह, सीहोरा से डॉ. संजीव वरकड़े, डिंडोरी से रूदेश परस्ते, बालाघाट से अजय विशाल बिसेन, गोटेगांव से शेखर चौधरी, आमला से सदाराम झारबड़े, शमशाबाद से राजकुमारी केवट, भोपाल उत्तर से आमीर अकील, नासीर इस्लाम, सुसनेर से जीतू (जीतेन्द्र) पाटीदार, कालापीपल से चतुर्भुज तोमर, पानसेमल से रमेश चौहान, जोबट से सुरपाल अजनार, धरमपुरी से राजूबाई चौहान को पार्टी से निकाल दिया गया है.