सिंगोली - मुकेश माहेश्वरी
January 11, 2026, 8:10 pm
Samajik
सिंगोली(मुकेश माहेश्वरी)मेवाड़ प्रांत की धार्मिक नगरी सिंगोली में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद तथा अर्हमयोग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित होने वाले पंचकल्याणक महामहोत्सव को लेकर महापात्रों का चयन किया गया।
यह आयोजन दिनांक 11 जनवरी, रविवार को गुरुदेव श्री संयत सागर जी महाराज के विशेष सानिध्य में ब्रह्मचारी भैया शुभम जैन (बड़ामलहरा) के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। आगामी 2 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले पंचकल्याणक महामहोत्सव के लिए पात्र चयन हेतु पत्रिका का विमोचन समाजजनों द्वारा बड़े उत्साह के
साथ किया गया।रविवार दोपहर 1 बजे मांगलिक भवन, पाण्डे जी की बावड़ी पर कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव पूजन एवं श्रीफल भेंट के साथ हुआ। इसके पश्चात विभिन्न महापात्रों हेतु बोलियां लगाई गईं, जिनमें समाजजनों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
पात्र चयन इस प्रकार रहा—
सौधर्म इन्द्र के पात्र की बोली 51 कलश एवं श्रीफल के साथ मोहीवाल परिवार (कैलाशचंद्र, तेजमल, राजेन्द्र, महेन्द्र, संजय, मनोज, पारस, पंकज) ने ली।
भगवान के माता-पिता बनने की बोली 21 कलश एवं श्रीफल के साथ नियम सहित अभय कुमार, सुधा देवी, अशोक कुमार, चंचल देवी, पारस, अंकित, शुभम, अर्चित एवं लक्ष्य कुमार ने ली।
धनपति
कुबेर की बोली 39 कलश एवं श्रीफल के साथ पारस, पवन, पंकज, अंकित कुमार एवं जिनांश हरसौरा ने ली।महा यज्ञ नायक की बोली 24 कलश एवं श्रीफल के साथ नवीन, धीरज, अभिषेक, चयन कुमार मोहीवाल ने ली।
यज्ञ नायक की बोली 13 कलश एवं श्रीफल के साथ पदम, अनिल, पारस, अर्पित, अक्षत कुमार साकुण्या ने ली।
ईशान इन्द्र की बोली 15 कलश एवं श्रीफल तथा सानत कुमार इन्द्र की बोली 11 कलश एवं श्रीफल के साथ मोहीवाल परिवार ने ली।
माहेन्द्र इन्द्र की बोली 11 कलश एवं श्रीफल के साथ कंकु बाई, भरत, विमल एवं मुकेश कुमार ठोला परिवार
ने ली।स्वर्ण सौभाग्यवती महिला की बोली 3 कलश एवं श्रीफल के साथ शालिनी, प्रमोद कुमार सेठिया ने ली।
कार्यक्रम में सिंगोली सहित रावतभाटा, भैंसरोड़गढ़, बोराव, धनगांव, थड़ोद, ठुकराई, बिजोलिया, छोटी बिजोलिया, सलावटिया, आरोली, झांतला, महुआ एवं बेगूं सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मचारी भैया शुभम जैन (बड़ामलहरा) ने किया, जबकि आभार समाज अध्यक्ष भरत ठोला ने व्यक्त किया।