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सीटू के बैनर तले ज्ञापन, बड़ी हुई दर से न्यूनतम वेतन दर देने की मांग, 25 लाख आउटसोर्स कर्मचारी सहित मजदूरो का अधिकार, पढिए पूरी खबर

Pradesh Halchal January 1, 2025, 2:47 pm Prasasanik

नीमच जिला मुख्यालय पर आज सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियंस के बैनर तले आउटसोर्स कर्मचारी सहित नल चालक, भृत्य, ठेका, स्थाई अस्थाई, दैनिक वेतन भोगी, संविदा कर्मचारी सहित ग्राम पंचायत में कार्यरत नल चालको ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर श्रम आयुक्त और कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धार्वे को ज्ञापन सौंपा और बड़ी हुई दर से न्यूनतम वेतन देने की मांग की गई।

ज्ञापन के माध्यम से बताया की 10 वर्षों के पश्चात पुनः निश्चित वेतन न्यूनतम वेतन मजदूरों को अप्रैल 2024 से लागू हुआ था किंतु चंद उ‌द्योगपतियों द्वारा, मध्य प्रदेश सरकार की उदासीनता के चलते, स्टे लेने

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के पश्चात यह वेतन लागू नहीं हो सका है। संगठन द्वारा इंटरविनर बनने के पश्चात 3 दिसंबर 2024 को माननीय उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश द्वारा यह स्टे समाप्त कर दिया गया है। जब उ‌द्योगपतियों को स्टे मिला था तब मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उसी दिन शाम को समस्त श्रम कार्यालय को निर्देश भेजे गए थे और इसी कारण से मजदूरों को पुर्ननिरिक्षत वेतन नहीं मिला। किंतु 3 दिसंबर 2024 को स्टे समाप्त होने के पश्चात आज दिनांक तक बढ़ी हुई दर से न्यूनतम वेतन नहीं दिया जाना अवैधानिक ही नहीं न्यायालय की तोहीन है और मजदूरों के अधिकार पर कुठाराघात।
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सरकार की उदासीनता के चलते प्रदेश के 25 लाख मजदूर बड़ी हुई दर से न्यूनतम वेतन पाने से वंचित है। इससे सिद्ध हो रहा है कि मध्य प्रदेश की सरकार और श्रम विभाग गरीब मजदूरों के अधिकार को सुरक्षित रखने में नाकाम रहे है।

आज प्रदेश स्तरीय आंदोलन में इस ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि शीघ्र ही तीन दिसंबर 2024 के उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के निर्णय के आलोक में बढ़ी हुई दर से न्यूनतम वेतन देने का आदेश जारी करने का कष्ट करें। साथ ही निजी एवं सरकारी उ‌द्योगी कार्यालय, निगम, परिषदों व संस्थानों में कार्यरत ठेका,

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स्थाई, अस्थाई, दैनिक वेतन भोगी आउटसोर्स, संविदा, कर्मियों श्रमिकों सहित ग्राम पंचायत में कार्यरत नल चालक एवं भृत्य को न्यूनतम वेतन दिए जाने का आदेश जारी करने की कृपा करें।अगर सरकार मांगे नहीं मानती है तो संगठन प्रदेश स्तर पर लगातार आंदोलन करेगा।

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