मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन के लिए रूल ऑफ लॉ का पालन करने के निर्देश जारी किये गये हैं , जिसका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश जैन ने बताया , कि विधानसभा निर्वाचन 2023 के दौरान निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सभी को पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से कार्य करना है। सभी मैदानी अधिकारियों , कर्मचारियों की गतिविधियों पर कड़ी निगाह रखी जाएगी। इसी तारतम्य में आम जनता , राजनीतिक दलों एवं अन्य हितधारकों से सीधे सम्पर्क में आने वाले मैदानी अधिकारी , कर्मचारियों का यह दायित्व बनता है , कि वह विधानसभा निवार्चन 2023 के मद्देनजर अपनी प्रत्येक गतिविधि में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता की नजीर पेश करें। इसके लिए उन्हें ’’ रूल ऑफ लॉ ’’ के सिद्धांत अक्षरशः पालन करते हुए , विभिन्न अधिनियम जैसे दण्ड प्रक्रिया संहिता , भारतीय दंड संहिता , सम्पत्ति विरूपण निवारण , कोलाहल नियंत्रण , मोटरयान , आबकारी , आर्म्स आदि के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। प्रावधानों के पालन के लिए प्रतिबंधात्मक अथवा दण्डात्मक कार्यवाही के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी , कार्यपालिक मजिस्ट्रेट , अनुविभागीय अधिकारी थाना प्रभारी आदि को जिम्मेदारी दी गई है।
जिला निवार्चन अधिकारी श्री जैन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है , कि वे अपने अधीनस्थों के कार्यों की मॉनीटरिंग करें और चेक करें कि ’’ रूल ऑफ लॉ ’’ का पालन उनके कनिष्ठ मैदानी कर्मचारी जैसे आरक्षक , पटवारी , पंचायत सचिव आदि द्वारा किया जा रहा है। जिले के मैदानी अधिकारी , कर्मचारियों को अभी से पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए , ’’ रूल ऑफ लॉ ’’ का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए और लापरवाह अधिकारियों , कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाई करने के लिए तत्काल जिला निर्वाचन कार्यालय को प्रस्ताव भेजने चाहिए। उन्होंने कहा , कि शासकीय कर्मचारियों को चुनाव में बिल्कुल निष्पक्ष रहना चाहिये और आम जनता को उनकी निष्पक्षता का विश्वास होना चाहिए तथा उन्हें ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए , जिससे ऐसी शंका भी हो सके , कि वे किसी दल या उम्मीदवार की मदद कर रहे हैं। शासकीय कर्मचारी को किसी भी प्रकार चुनाव अभियान या प्रचार में भाग नहीं लेना चाहिए। निर्वाचनों से संबंद्ध अधिकारी , कर्मचारी न तो किसी अभ्यर्थी के लिए कार्य करेगा और न ही उसे मत देने के लिए किसी प्रकार का प्रभाव डालेगा। इसके अतिरिक्त कोई शासकीय सेवक निर्वाचन में खड़े किसी अभ्यर्थी के लिए निर्वाचन अभिकर्ता , मतदान अभिकर्ता या गणना अभिकर्ता के रूप में कार्य नहीं करेगा।