नीमच जिले से करीब 8 किलोमीटर दूर नेवड पंचायत स्थित ग्राम सरवानिया बोर में शमशान घाट की बदहाल स्थिति जिम्मेदारों की लापरवाही को उजागर कर रही है। गांव के अंतिम संस्कार स्थल तक न तो पक्की सड़क बनी है और न ही बैठने के लिए कोई व्यवस्थित व्यवस्था मौजूद है।
ग्रामीणों का कहना है कि शमशान घाट पर मुर्दा जलाने के लिए टीन शेड तक नहीं है, जिससे बरसात और धूप में बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार ग्रामीणों ने इस संबंध में ग्राम पंचायत, सरपंच और अधिकारियों को आवेदन व ज्ञापन दिए, लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं।
रविवार को भी सरवानिया बोर गांव के 65 वर्षीय शंभुलाल मेघवाल की बीमारी के चलते मौत हो गई। जिनकी शवयात्रा कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरने को मजबुर हुई। गांव के लोग सवाल कर रहे हैं कि जब शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि विकास और स्वच्छता की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं तो फिर अंतिम संस्कार जैसे पवित्र स्थान को क्यों अनदेखा किया जा रहा है?